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SEBA Class 9 Hindi Chapter 10 गिल्लू प्रश्न और उत्तर Gillu – Ambar Bhag 1 Solutions | Assam Eduverse

Chapter Overview:

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SEBA / ASSEB Class 9 Hindi – Chapter 10 गिल्लू Complete Solutions, Summary & Question Answers | Gillu Solutions

बोध एवं विचार

प्रश्न 1: सही विकल्प का चयन कीजिए –

(क) ‘गिल्लू’ किस प्रकार की रचना है ?
(i) कहानी
(ii) संस्मरण
(iii) रेखाचित्र
(iv) उपन्यास
उत्तर: (iii) रेखाचित्र

(ख) किस फूल में आज एक पीली कली लगी है ?
(i) गुलाब
(ii) सोनजुही
(iii) चमेली
(iv) सूर्यमुखी
उत्तर: (ii) सोनजुही

(ग) लेखिका ने गिल्लू के घावों पर क्या लगाया ?
(i) वेसिलीन
(ii) पेंसिलीन
(iii) आयोडीन
(iv) बोरोलीन
उत्तर: (ii) पेंसिलीन

(घ) गिल्लू का प्रमुख भोजन था –
(i) काजू
(ii) किशमिश
(iii) बादाम
(iv) मूँगफली
उत्तर: (i) काजू


प्रश्न 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में दीजिए :

(क) सोनजुही में लगी पीली कली को देखकर लेखिका को किसका स्मरण हो आया ?
उत्तर: सोनजुही में लगी पीली कली को देखकर लेखिका को गिल्लू का स्मरण हो आया।

(ख) दोनों कौए एक गमले के चारों ओर क्या ढूँढ़ रहे थे ?
उत्तर: दोनों कौए एक गमले के चारों ओर गिलहरी के छोटे बच्चे को ढूँढ़ रहे थे।

(ग) हम कौए और उसकी आवाज (काँव-काँव करने) को प्रायः किस अर्थ में प्रयुक्त करते हैं?
उत्तर: हम कौए और उसकी आवाज को प्रायः अपशकुन और दुख के अर्थ में प्रयुक्त करते हैं।

(घ) लेखिका के काक पुराण के विवेचन में अचानक बाधा क्यों आ पड़ी ?
उत्तर: लेखिका के काक पुराण के विवेचन में अचानक बाधा इसलिए आ पड़ी क्योंकि उन्हें गमले के पास एक छोटा-सा जीव घायल पड़ा हुआ मिला।

(ङ) गिलहरी का छोटा बच्चा कहाँ से आया था ?
उत्तर: गिलहरी का छोटा बच्चा गमले के पास पड़ा हुआ था।

(च) लेखिका ने गिल्लू को गर्मी पहुँचाने के लिए क्या किया ?
उत्तर: लेखिका ने गिल्लू को गर्मी पहुँचाने के लिए हीटर जलाया।

(छ) गिल्लू की समाधि कहाँ बनाई गई है ?
उत्तर: गिल्लू की समाधि सोनजुही की लता के नीचे बनाई गई है।


प्रश्न 3. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए :

(क) सोनजुही में लगी पीली कली को देखकर लेखिका को किसकी याद आती है और क्यों ?
उत्तर: सोनजुही में लगी पीली कली को देखकर लेखिका को गिल्लू की याद आती है क्योंकि गिल्लू उस लता से बहुत प्रेम करता था और अब वह मानो फूल बनकर वापस आया है।

(ख) “यह काकभुशुंडि भी विचित्र प्राणी है।”- लेखिका ने कौवे को विचित्र प्राणी क्यों कहा है?
उत्तर: लेखिका ने कौवे को विचित्र प्राणी इसलिए कहा है क्योंकि कौवा एक साथ समादरित और अनादरित दोनों है; वह पूर्वजों का प्रतीक भी है और अपशकुन का प्रतीक भी।

(ग) गिलहरी का बच्चा घायल कैसे हुआ था और उसे देखकर लोगों ने क्या कहा ?
उत्तर: गिलहरी का बच्चा कौवों के प्रहार से घायल हुआ था और लोगों ने कहा कि यह अब बच नहीं पाएगा।

(घ) लेखिका ने गिलहरी के घायल बच्चे का उपचार कैसे किया ?
उत्तर: लेखिका ने उसे रुई से पोंछा, घाव पर पेंसिलीन लगाया और दूध की बूंदें पिलाईं।

(ङ) लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए गिल्लू ने कौन-सा उपाय खोज निकाला ?
उत्तर: गिल्लू परदे पर तेजी से चढ़कर उतरता रहता था, जब तक लेखिका उठकर उसकी ओर न देखती।

(च) लेखिका ने गिल्लू को जाली से मुक्त करने का निश्चय क्यों किया ?
उत्तर: क्योंकि गिल्लू बाहर की गिलहरियों को देखकर बेचैन हो जाता था और उसे स्वतंत्रता चाहिए थी।

(छ) लेखिका को चौंकाने के लिए गिल्लू क्या करता था ?
उत्तर: वह अचानक उनके सिर, कंधे या पैरों पर चढ़ जाता था।

(ज) गर्मी से बचने के लिए गिल्लू ने क्या उपाय खोज निकाला था ?
उत्तर: वह सुराही पर लेट जाता था ताकि उसे ठंडक मिले।


प्रश्न 4. निम्नलिखित प्रश्नों के सम्यक् उत्तर दीजिए :

(क) कौवे को एक ही साथ समादरित और अनादरित पक्षी क्यों माना जाता है ?
उत्तर: क्योंकि श्राद्ध में उसे पूर्वजों का प्रतीक मानकर सम्मानित किया जाता है, वहीं उसकी कर्कश आवाज के कारण उसे अपशकुन और अशुभ का प्रतीक मानकर अनादरित भी किया जाता है।

(ख) लेखिका के घर से बाहर रहने पर गिल्लू क्या करता था ?
उत्तर: वह अपनी चीजें खा लेता, झूले में चुपचाप लेट जाता और लेखिका के लौटने का इंतजार करता।

(ग) गिल्लू किस प्रकार एक परिचारिका की भूमिका निभाता था ?
उत्तर: जब लेखिका बीमार थीं, तो वह उनके सिरहाने बैठा रहता और उनके बालों को सहलाता, जिससे उन्हें शांति मिलती।

(घ) अपने जीवन के अंतिम समय में गिल्लू किस तरह की चेष्टाएँ करने लगा था ?
उत्तर: उसने खाना-पीना छोड़ दिया, बाहर जाना बंद कर दिया और आख़िरी समय में लेखिका की उँगली पकड़कर उनसे लिपट गया।

(ङ) गिल्लू की कुछ शरारतों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: वह काजू चुराता था, परदे पर दौड़ता था, लेखिका के कंधे और सिर पर चढ़कर उन्हें चौंकाता था।


प्रश्न 5.आशय स्पष्ट कीजिए

(क) यह काकभुशुंडि भी विचित्र पक्षी है- एक साथ समादरित, अनादरित, अति सम्मानित, अति अवमानित।
उत्तर: कौवा समाज की दोहरी सोच का प्रतीक है। एक ओर वह पूर्वजों का प्रतीक मानकर पूज्य है, वहीं दूसरी ओर उसकी आवाज़ अपशकुन मानी जाती है।

(ख) इतना ही नहीं हमारे दूरस्थ प्रियजनों को भी अपने आने का मधु संदेश इनके कर्कश स्वर में ही देना पड़ता है।
उत्तर: कौवे की काँव-काँव से लोग समझते हैं कि मेहमान आने वाले हैं। इस प्रकार उसकी कठोर आवाज़ भी शुभ समाचार का प्रतीक बन जाती है।


भाषा एवं व्याकरण

1. उपसर्ग लगाकर पाँच-पाँच शब्द बनाइए :
सम्— संतोष, संभव, सम्मान, संगम, संकल्प
अधि— अधिकार, अधिपति, अधिनायक, अधिसूचना, अधिभार
अनु— अनुकरण, अनुकूल, अनुराग, अनुभव, अनुपात
उप— उपदेश, उपवन, उपकार, उपनाम, उपमंत्री
अप— अपशब्द, अपमान, अपवाद, अपकार, अपराध
अभि— अभिमान, अभिवादन, अभिशाप, अभिज्ञान, अभिनव
प्रति— प्रतिकार, प्रतिशोध, प्रतिदिन, प्रतिरूप, प्रतिरोध
सु— सुंदर, सुलभ, सुगम, सुपुत्र, सुशील

2. तत्सम—तद्भव :
लघुगात—छोटा, मरणासन्न—मरने के करीब, उष्णता—गर्मी, प्रभात—सुबह, स्पर्श—छूना, काक—कौआ, पंजों—पंजे, समाधि—समाधि

3. ‘न/नहीं/मत’ का प्रयोग :
(क) चंदन! धूप में मत खेलो।
(ख) रंजन कल नहीं जाएगा।
(ग) वह कुंदन आ रहा है।
(घ) दिलीप जाने क्या-क्या बकता रहता है।
(ङ) कमला पढ़ती है खाना बनाती है।
(च) राहुल आज विद्यालय नहीं गया।
(छ) बच्चे को मत डाँटो।

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